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Tuti Hui Haddi Jodne Ka Ayurvedic Upchar

टूटी हुई हड्डी जोड़ने का आयुर्वेदिक उपचार

अस्थिभग्न, हड्डी टूटना, हड्डी का टूट जाना
‘बोन फ्रेक्चर’(Bone Fracture)

परिचय-

हड्डी पर जोर पड़ने या बेतरतीब मुड़ने से प्रायः हड्डी टूट जाती है। चूंकि यह अचानक एवं अस्वाभाविक रूप से होता है। अतः रोगी को सावधान होने का अवसर नहीं मिलता है। कभी-कभी मारपीट में लाठी या राॅड आदि के प्रहार से ऐसा हो जाता है। फिसलने के कारण भी हड्डी टूटने या अपने स्थान से खिसक जाने की घटना आये दिन देखी जाती है। कारण कुछ भी हो, यह एक दुर्घटना ही है। अतः जटिलता देखते हुए रोगी को अस्पताल भेज दें। यदि अस्पताल नजदीक नहीं हो, तो निम्न योगों का प्रयोग करें।

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चिकित्सा-

शरीर में यह प्राकृतिक गुण है कि शरीर में आई विकृतियों को स्वयं दूर करें। अतः कटे मांस या टूटी हड्डियों को जोड़ने की भी शरीर में अद्भुत क्षमता होती है। कटे घाव पर जो हम मरहम लगाते हैं वह घाव को ठीक करती है, ऐसी बात नहीं है। बल्कि उसकी परत घाव पर होने से घाव में संक्रमण होने की संभावना कम हो जाती है और शरीर की स्वास्थ्य सुधारक शक्ति सरलता से अपना काम करने में सफल हो जाती है। ठीक इसी प्रकार हड्डी टूट जाने पर भी जो हम प्लास्टर की व्यवस्था करते हैं, उसका मूल उद्देश्य यही होता है कि हड्डी के दोनों टुकड़े मिलकर अपनी स्वाभाविक स्थिति में रहें। इससे अधिक प्लास्टर की भूमिका कुछ नहीं होती है। जोड़ने का काम तो शरीर के अंदर छिपी प्राकृतिक शक्ति स्वयं ही करती है। अतः आप भी हड्डी को अपनी सामान्य स्थिति में लाकर स्थिर रखने की व्यवस्था करें और निम्नलिखित योगों का प्रयोग करें जो शीघ्र जुड़ने में सहायक सिद्ध होंगे।

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आयुर्वेदिक चिकित्सा-

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1. हड़जोड़(अस्थिसंहार) की ताजी टहनियों को पीसकर टूटी हड्डी पर लेप करने से लाभ होता है।

2. कफ अलयहूद 1 से 6 ग्राम घी में मिलाकर प्रतिदिन 2 बार देने से टूटी हड्डी शीघ्र जुड़ जाती है।

3. खमान(एक छोटी जाति का क्षुप) की जड़ को पीसकर टूटी हड्डी पर लगाने तथा मोच पर लेप करने से लाभ होता है।

4. खंशं(एक प्रकार का घास) का चूर्ण 10 ग्राम प्रतिदिन सुबह-शाम लेने से टूटी हड्डी शीघ्र जुड़ जाती है।

5. चीनी(एक प्रकार का अनाज) दूध और घी के साथ खाने से हड्डी शीघ्र जुड़ जाती है और सीने की जलन दूर हो जाती है।

6. चूने को मक्खन के साथ मिलाकर मोच के ऊपर बांधने से मोच की पीड़ा शांत हो जाती है और हड्डी में पड़ी हुइ गांठ भी बिखर जाती है। टूटी हड्डी जोड़ने के लिए इसका लेप करके उसके ऊपर मोरपंख के रूंओं की पट्टी बांध दें। इस पट्टी को 5-7 दिन के बाद बदलते रहें।

Tuti Hui Haddi Jodne Ka Ayurvedic Upchar

7. जफ़्त बहरी(यूनानी नाम) का लेप लगाकर पट्टी बांधने से टूटी हड्डियां शीघ्र जुड़ जाती हैं।

8. अरविंद-ई-गिर्द(यूनानी नाम) एक प्रकार का पौधा पीसकर, टूटी हड्डी पर लेप करने से लाभ होता है।

9. ‘छत्री’(एक प्रकार की वनस्पति) कूट-पीसकर शहद व पानी में मिलाकर देने से मोच आने और हड्डी टूटने में लाभप्रद है।

10. अजवायन, खुरासानी और जौ के आटे का लेप करने से हड्डी टूटने और मोच आने में लाभप्रद है।

11. बबूल के बीजों का चूर्ण शहद में मिलाकर 2-3 ग्राम प्रतिदिन सुबह-शाम चाटने से टूटी हुई हड्डी शीघ्र जुड़ जाती है।

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12. ‘बाबू नागाव’ के ताजा दानों का रस निकाल कर 25-25 मि.ली. प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से टूटी हड्डी जुड़ जाती है।

13. बांब(छोटी जाति की वनस्पति) के पत्तों को कूटकर बांधने और अलसी का तेल पाचनशक्ति अनुसार पीने से टूटी हुई हड्डी जुड़ जाती है और चोट आदि की पीड़ा भी समाप्त हो जाती है।

14. यदि हड्डी टूट गयी हो तो प्रतिदिन सुबह-शाम शहद सेवन करने एवं टूटी हड्डी पर शहद में कपड़ा तर करके बांधने से शीघ्र लाभ होता है।

15. संधिनीं(मालेबन्ध) वनस्पति घावों और टूटी हड्डी को जोड़ने की महाऔषधि है। टूटी हड्डी या घाव से हो रहे रक्तस्राव पर इसके पत्तों की लुगदी बांधने से हड्डियां शीघ्र जुड़ जाती हैं और बहता रक्त तत्काल बंद हो जाता है। इसकी पहचान यह है कि इसकी झाड़ से इसके आधे पत्तों को तोड़कर फिर लगा दें। पत्ता पहले की भांति जुड़ जायेगा। यदि इसके ताजे पत्ते नहीं मिलें, तो सूखे पत्तों को ही पानी में पीसकर बांधें।

16. सादड़ा(लेटिन नाम Terminalia Tomentosa) यह उत्तम रक्तस्राव रोधक एवं अस्थि संधिसंस्थापक(जोड़ने वाली) वनौषधि है। इसके काढ़े से रूई या कपड़े को तर करके घाव से बहते रक्त पर रखने से तत्काल लाभ होता है और टूटी हड्डी पर बांधने से शीघ्र हड्डी जुड़ जाती है।

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