Sukhi Jeevan Ke Liye Ye Hain Sahi Upay

Sukhi Jeevan Ke Liye Ye Hain Sahi Upay

सुखी जीवन के लिए ये हैं सही उपाय

जीवन को सुखी बनाने के लिए मात्र धन ही पर्याप्त नहीं है आर न ही रोग से मुक्ति पाने के लिए केवल औषधि। यह सच है कि मानव-सुख के लिए धन भी आवश्यक है और रोग से छुटकारा पाने के लिए औषधि भी। लेकिन इनके अतिरिक्त भी सुख के लिए धन के साथ-साथ मानसिक शांति और स्वस्थ होने के लिए औषधि के साथ-साथ पथ्य भी परमावश्यक है। इसी प्रकार से जीवन को सब दृष्टियों से सुखमय बनाने के लिए कुछ प्राकृतिक नियम हैं, जिसे भुलाकर हम सुखी नहीं हो सकते हैं।

यथासंभव उन नियमों को यहां पस्तुत किया जा रहा है। आप उन्हें अपने दैनिक जीवन में स्थान देकर और सुखी होंगे, वे इस प्रकार हैं:-

Sukhi Jeevan Ke Liye Ye Hain Sahi Upay

1. नित्य सुबह सूर्योदय से पहले अवश्य उठ जायें। अपने इष्टदेव का ध्यान और प्रणाम करें। फिर आंख, मुंह, हाथ धोकर उषापान करें अर्थात् ताम्रपात्र में रात में रखे जल को पी लें।

2. उषापान आदि के बाद कम से कम आधा से एक घंटे तक मैदान, बाग-बगीचे में भ्रमण करें।

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3. भ्रमण करते समय प्राकृतिक छटाओं को निहारते जायें, उसे देखते जायें
और उस पर मनन भी करते जायें। इस प्रकार आप देखेंगे कि एक ही वस्तु के बारे में नित्य नये-नये विचार उभरेंगे।

4. ऐसा करने से एक और भ्रमण के कारण शारीरिक व्यायाम होगा और दूसरी ओर मनोरंजन(मनन आदि) के कारण मानसिक परिश्रम करने की क्षमता भी प्राप्त होगी।

5. मूत्र या पाखाने की हाज़त को कभी न रोकें। हाज़त रोकने से मल-मूत्र संबंधी अनेक रोग हो जाते हैं।

6. मल त्याग के संबंध में मैं शौच जाऊं या नहीं जाऊं का विचार न करें। शौच अवश्य जायें और शौच से निवृत हो जायें। लेकिन भोजन के संबंध में विचार हो कि करें या न करें, तो न करें। पाचन विकार से मुक्त रहेंगे।

7. मुंह, दांतों और शरीर की सफाई नित्य करें। दांतों की सफाई के लिए टुथ ब्रुश की अपेक्षा दूध वाली लकड़ी, नीम की टहनी या बबूल की टहनी से बने दातून का प्रयोग करें।

8. प्रातःकाल स्नान करके ताम्रपत्र में भरे जल का अध्र्य सूर्य को दें। इस प्रकार अध्र्य देने के समय जो सूर्य की किरणें निवेदित(अर्पित) अध्र्य के जल से होते हुए शरीर तक पहुंचती है, उसमें अद्भुत स्वास्थ्य गुण विद्धद्यमान होते हैं।

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9. प्रातः अध्र्य की भांति अस्त होने वाले सूर्य को भी सायंकाल का अध्र्य दें।

10. भोजन निश्चित समय पर सुपाच्य, पौष्टिक एवं हल्का ही करें। भूख से अधिक भोजना खाना हानिकारक होता है। मात्र जीने के लिए खायें न कि खाने के लिए जीयें।

11. भोजन करते समय जल थोड़ा-थोड़ा ही पीयें। लेकिन भोजन के डेढ़ घंटे बाद जल पूरी मात्रा में अवश्य पीयें। यह जल गुनगुना हो तो अच्छा है।

12. मांस, मदिरा या किसी भी प्रकार के अन्य नशों से दूर रहें। ये सुखमय जीवन के परमशत्रु हैं।

13. दिन में सोना, रात में अधिक देर तक जागना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। गर्मी के दिनों में, दिन में आधा से एक घंटा तक सोना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है।

14. व्यस्क को रात में 6 से 8 घंटा सोना पर्याप्त है। मात्र 6 घंटे सोने वाले भी पूर्ण स्वस्थ देखे जाते हैं।

15. आप अपने इष्टदेव(जिनमें विश्वास रखते हो) उनके नाम का जप निश्चित संख्या में और रात में सोने से पूर्व उनका ध्यान अवश्य करें। आपको नित्य ऐसा करते रहने से शांति मिलेगी।

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16. व्यस्त जीवन में से कुछ समय निकाल कर संत, फकीरों एवं आध्यात्मिक
गुरूओं के जीवन चरित्र को पढ़ें, उनकी वाणी एवं उपदेशों का मनन करें।

17. जुआ, सट्टा, रेस आदि में भाग न लें और न इसके सम्पर्क में आयें। जो इनसे जुड़े हों उनसे भी दूर रहें।

18. अश्लील वातावरण में रहकर, अश्लील दृश्य, चित्र आदि देखकर या अश्लील साहित्य पढ़कर अपने चरित्र का स्तर नीचे न गिरायें।

Sukhi Jeevan Ke Liye Ye Hain Sahi Upay

19. वस्त्र जो भी पहनें वे सामान्य और शालीनता के अनुरूप और साफ-सुथरे हों।

20. बाल और नाखून अधिक लंबे नहीं रखें। ये अप्रत्यक्ष रूप से रोग को आमंत्रित करते हैं।

21. अपने आपको सुंदर बनाने की दृष्टि से निम्न स्तर के रसायनयुक्त प्रसाधन सामग्री का प्रयोग न करें। परिणाम विपरीत होंगे। त्वचा की सफाई पर विशेष ध्यान दें।

22. यदि कभी चेहरे पर दाग-धब्बे हो जायें, तो मात्र घरेलू उपचार, आयुर्वेदिक औषधियां विश्वस्त कम्पनियों की ही प्रयोग करें।

23. आपकी जितनी आय हो उससे थोड़े कम में ही अपने खर्चे का बजट बनायें। कभी उधार की आदत न डालें। बाद में देने में बड़ी कठिनाई होती है।

24. आलस्य एवं प्रमाद को समीप न आने दें। जब कभी किसी काम को टालने का इरादा पनपे, समझ लें यही आलस्य है। इसे दूर रखने के लिए तत्काल उस काम में लग जायें।

25. आवेश में आकर कभी कोई काम या निर्णय न लें। संभव है उसमें सुधार की आवश्यकता हो।

26. आपके पास क्या नहीं है उस पर ध्यान न दें। आपको ईश्वर ने जो कुछ दिया है उसके लिए ईश्वर को धन्यवाद दें। इससे आपको संतुष्टि मिलेगी।
इसी प्रकार के बहुत से सफलतम सूत्र है, जिनसे आपके अपने जीवन को बहुत हद तक खुशहाल बना सकते हैं। आशा है आप इन सूत्रों को अपनाकर लाभान्वित होंगे।

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