Sir Dard Ke Liye Labhkari Ayurvedic Upay

Sir Dard Ke Liye Labhkari Ayurvedic Upay

सिरदर्द के लिए लाभकारी आयुर्वेदिक उपाय

सिरदर्द(Headache)-

परिचय- कानों की दोनों कनपटियों में अव्यक्त वेदना होना ही सिरदर्द है। यद्यपि यह स्वतंत्र रूप से कभी नहीं होती है। यदि होती है तो तीन दिन पूरे होते-होते स्वतः ठीक हो जाती है। यह सामान्यतः किसी न किसी रोग का लक्षण मात्र होता है। जैसे- रक्तहीनता, कब्ज़, यक्ष्मा, स्नायुविक कमजोरी आदि। इसलिए इस रोग की चिकित्सा करने से पूर्व रोग के मूल कारण या कारणों का पता लगायें और उसकी चिकित्सा करें, साथ ही निम्न योगों को भी दें।

चिकित्सा-

Sir Dard Ke Liye Labhkari Ayurvedic Upay

1. यदि सिरदर्द केवल आधे सिर में हो रहा हो अथवा सूर्योदय से प्रारम्भ होकर दोपहर को अत्यधिक और फिर शाम को कम हो जाता हो। यदि रात को ठीक हो जाता तो इन लक्षणों के साथ होने वाले सिरदर्द की चिकित्सा के लिए आधासीसी(Migraine, Hemicrania) में विस्तृत लक्षण एवं योग दिये गये हैं।

2. रोगी को कब्ज़ हो तो कब्ज़ निवारक एवं यकृत पोषक औषधियां दें।

3. यदि रक्तहीनता हो तो रक्तवर्धक योग जैसे लोहासब आदि औषधियां दें।

4. मानसिक कमजोरी के कारण सिरदर्द हो तो अश्वगंधारिष्ट या अश्वगंधादि चूर्ण दें।

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इन औषधियों को आवश्यकतानुसार प्रयोग करें। साथ ही सहायक औषधि के रूप में Migraine नाशक योग भी शीघ्र लाभ के लिए दें।

5. अनन्तमूल की जड़(खड़ की रास्ना) को पानी से सिल पर घिसकर ललाट एवं सिर पर लेट करने से वातजनित Migraine दूर हो जाता है।

6. अफीम आधा ग्राम और लौंग दो नग पानी में पीसकर गर्म करके लेप करने से सर्दी और वादी का Migraine ठीक हो जाता है।

7. अरण्य तुलसी(वनतुलसी) के पत्तों का रस ललाट एवं कनपटियों पे लगाने से मस्तिष्क की पीड़ा में लाभ होता है।

8. आँबा हल्दी(आमाहल्दी) लोबान(लोहबान) के साथ पीसकर गर्म करके ललाट पर लेप करने से स्नायु संबंधी मस्तिष्क पीड़ा ठीक हो जाती है।

9. आस(बिलायती मेंहदी) के पत्तों को शराब में उबाल कर लेप करने से तीव्र Migraine भी ठीक हो जाता है।

10. इलाचयी के बीजों को महीन पीसकर सूंघने से छींके आकर सिर की पीड़ा ठीक हो जाती है। ठीक हो जाता है।

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11. छोटी कटेरी के फलों के रस को ललाट पर लेप करने से सिर की पीड़ा ठीक हो जाती है।

12. गोरखबूटी(कपूरीबूटी) की जड़ का लेप ललाट पर करने से सिर की पीड़ा ठीक हो जाती है।

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13. त्रिफला चूर्ण मिश्री और लौहभस्म का सेवन करने से सन्निपातज सिर की पीड़ा ठीक हो जाती है।

14. कूठ और एरण्ड की जड़ को कांजी के साथ पीसकर ललाट पर लेप करने से बादी में होने वाली सिर की पीड़ा ठीक हो जाता है।

15. खस को लोहबान के साथ मिलाकर चिलम में भरकर(डालकर) धूम्रपान करने से मस्तक की पीड़ा ठीक हो जाती है।

16. भांग 250 मि.ग्रा. नित्य 1 बार लेने से कफ से उत्पन्न मस्तिष्क पीड़ा ठीक हो जाती है।

17. गुंजा(चिरमिटी) के चूर्ण को कपड़े की पोटली में डालकर सूंघने से सिर का तेज दर्द ठीक हो जाता है।

18. गोरख इमली की छाल का काढ़ा पीने से पित्त का Headache ठीक हो जाता है।

19. चम्पा के फूलों का तेल सिर पर लगाने से Headache ठीक हो जाता है।

20. चमेली के 3 फूलों को गुलरोगन के साथ पीसकर नाक में टपकाने से Headache ठीक हो जाता है।

21. तिलों के पत्तों को सिरके या पानी में पीसकर ललाट पर लेप करने से मस्तक पीड़ा मिट जाती है।

22. दालचीनी के तेल या दालचीनी को पानी में पीसकर ललाट पर मलने या लेप करने से सर्दी का Headache ठीक हो जाता है।

23. धनिया और आँवलों को रात को पानी में भिगो दे। सुबह घोंट पीसकर मिश्री मिलाकर नित्य पीने से गर्मी से होने वाला Headache ठीक हो जाता है।

24. मीठे बादामों का तेल से 5 से 10 मि.ली. नित्य 1-2 बार दूध में मिलाकर पीने से Headache में लाभ होता है।

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