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Pet Ki Gas Or Acidity Ke Liye Gharelu Upay

पेट की गैस और एसिडिटी के लिए घरेलू उपाय

अम्लपित्त, खट्टी डकारें आना, आमाशय की अम्लता
(Acidity of Stomach, Acidosis)

यदि आमाशय के अन्दर आवश्यकता से अधिक अम्ल(Acid) बनने लगे और कई प्रकार के उपद्रव होने लगे जैसे- पेट के ऊपरी भाग में पीड़ा हो, पेट से गले तक जलन हो, खट्टी डकारें आयें, भोजन के दो घण्टे बाद उदरशूल की वृद्धि हो और सिर भारी हो जाता है।

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आयुर्वेदिक चिकित्सा-

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1. गम्भारी के पत्ते, अपामार्ग की जड़ और सेमरकन्द तीनों का समभाग चूर्ण, गाय के दूध के साथ 14 दिन तक सेवन करने से अम्लपित्त में लाभ होता है।

2. कड़वी परवल, नीम की छाल और मेनफल का काढ़ा बनाकर शहद और सेंधा नमक मिलाकर पीने से वमन आकर पेट साफ हो जाता है और अम्लपित्त की शिकायत दूर हो जाती है।

3. शतावर की लुगदी से सिद्ध किया हुआ घी अम्लपित्त, रक्तपित्त, तृषा, मूच्र्छा और खाँसी में लाभप्रद है।

4. कली के चूने 50 ग्राम को 5 लीटर पानी में कागदार(ढक्कन लगे) बोतल में बुझाकर 2-3 मिनट तक हिलाकर और ढक्कन बंद करके रख दें। 7-8 घंटे बाद जब चूना नीचे बैठ जाये, तब उसे निथार कर बोतल में डाल लें। यह चूने वाला पानी 25 मि.ली. नित्य सुबह-शाम पीने से अम्लपित्त में लाभ होता है। बच्चों को 1 से 2 चम्मच दें।

Pet Ki Gas Or Acidity Ke Liye Gharelu Upay

5. ताड़ के सूखे फूलों के गुच्छे की राख को पानी में मिलाकर पीने से छाती की जलन ठीक हो जाती है।

6. अनार के रस के साथ ताम्र भस्म लेने से कलेजे की जलन में बहुत आराम पहुंचता है।

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7. पित्तपापड़े के रस में दूध और शक्कर मिलाकर पीने से पाकस्थली की जलन ठीक हो जाती है।

8. पीपर की लुगदी, गुड़ और दूध से सिद्ध किया हुआ घी पीने से अम्लपित्त में लाभ पहुंचता है।

9. हल्दी के चूर्ण के साथ बंग भस्म का सेवन करने से अम्लपित्त में फायदा पहुंचता है।

10. लौंग को ठण्डे पानी में पीस-छानकर मिश्री मिलाकर पीने से हृदय की जलन ठीक हो जाती है।

11. भूना हुआ सुहागा 500 मि.ग्रा. नित्य लेने से अम्लपित्त में तीव्र आराम पहुंचता है।

12. हरड़ के चूर्ण को शहद के साथ चाटने अथवा गुड़ मिलाकर चाटने से अम्लपित्त में लाभ होता है।

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