Peshab Me Khoon Aane Ke Desi Gharelu Nuskhe

Peshab Me Khoon Aane Ke Desi Gharelu Nuskhe

मूत्र में रक्त आना, रक्तमेह
हीमेच्यूरिया, Haematuria

परिचय-

मूत्र करने से पहले या मूत्र के बाद या मूत्र में मिला हुआ रक्त आये तो उसे रक्तमेह कहते हैं। इसमें कभी-कभी मूत्र के साथ इतना अधिक रक्त आता है, कि मात्र रक्त ही रक्तवाला मूत्र प्रतीत होता है। निम्न योगों के प्रयोग से लाभ होता है।

चिकित्सा-

Peshab Me Khoon Aane Ke Desi Gharelu Nuskhe

1. कमो(हरिया) की छाल का निर्यास(क्वाथ) पीने से मूत्र में रक्त आना और रक्तस्राव में लाभ होता है।

2. गोखरू रसायन चूर्ण 10-10 ग्राम नित्य सुबह-शाम दूध और मिश्री के साथ सेवन करने और तेल, खटाई, लाल मिर्च इत्यादि से परहेज रखने से मूत्र के साथ रक्त आने में लाभ होता है।

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3. दमधोका की जड़ का रस 10 मि.ली. समभाग जल के साथ लेने से मूत्र के साथ रक्त आने की समस्या में लाभ होता है।

4. ढाक(पलाश) के फूलों को रात को ठंडे पानी में भिगो दें। सुबह थोड़ी मिश्री मिलाकर पीने से मूत्र के साथ रक्त आना बंद हो जाता है।

5. सफेद जीरा आधा से 2 ग्राम सिल पर पीसकर मिश्री मिलाकर पानी में घोंट कर नित्य दो बार पीने से रक्तमेह में लाभ होता है।

Peshab Me Khoon Aane Ke Desi Gharelu Nuskhe

6. हरी दूब का रस सुबह-शाम 10-15 मि.ली. पानी और मिश्री के साथ पीने से रक्तमेह में लाभ होता है।

7. अजमोद और नमक की एक पोटली बांधकर गर्म-गर्म पेड़ू और पेड़ू के निचले भाग पर सेंक करने से लाभ होता है।

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8. आँवलों के 25 मि.ली. रस में इलायची का चूर्ण भुरभुरा डालकर नित्य सुबह-शाम पीने से मूत्रकृच्छता में लाभ होता है।

9. इलायची को सेंककर मस्तगी के साथ दूध से फँक्की लेने से मूत्राशय की जलन में लाभ होता है।

10. बड़ी इलायची के बीज(दानें) खरबूजे के बीजों के साथ पीसकर पानी में घोंटकर पीने से मूत्रकृच्छता में लाभ होता है।

11. ईसबगोल, शीतल मिर्च और कलमीशोरे की फँक्की लेने से मूत्रकृच्छता में लाभ होता है।

12. ऊटंगन के बीजों को पीसकर मट्ठे के साथ सेवन करने से मूत्र विकार दूर हो जाते हैं।

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