Payriya Ki Medicine

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पायरिया, मसूढ़ों से पीप आना
(Pyorrhoea)

दाँतों की नियमित सफाई न करने के कारण यह रोग हो जाता है। मसूढ़ों से रक्त तथा पूय आने लगती है, मुँह से दुर्गन्ध आती है, दाँत हिलते हैं, दाँतो में दर्द होता है, पूय और रक्त आमाशय में जाकर स्वास्थ्य को खराब कर देता है।

घरेलू चिकित्सा-

1. सरसों के तेल में महीन नमक मिलाकर सुबह-शाम अँगुलि से दाँतों एवं मसूढ़ों पर मला करें। थोड़ी देर बाद सुखोष्ण जल से कुल्ला कर लिया करें।

2. हल्दी की गाँठ जलाकर चूर्ण बना लें। सुबह-शाम मसूढ़ों पर मलें।

3. फिटकरी को तवे पर गर्म करें। फूल बन जायेगा फिर चूर्ण बना लें। फिर इसमें समभाग सेंधा नमक मिला लें। इसी से सुबह-शाम मंजन किया करें।

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4. नीम की दुकान से सुबह-शाम दाँतों को साफ किया करें।

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5. सुखोष्ण जल में फिटकरी चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम कुल्ला किया करें।

6. एक दो लौंग मुख में रखकर चूसने से भी लाभ होता है।

7. मौलसरी की छाल के क्वाथ से सुबह-शाम कुल्ला किया करें।

8. नींबू के छिलकों को सुबह-शाम दाँतों व मसूढ़ों पर रगड़ा करें।

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9. नित्य सुबह और रात को सोते समय दाँतों की सफाई अवश्य करें।

10. नीम की दातून, बबूल, चिड़चिड़ी, सहोरा आदि भी उत्तम है। इनके अभाव में अन्य का प्रयोग करें। लेकिन दातून अच्छा हो। उपरोक्त के अभाव में कोई पेस्ट करें।

11. भोजन के बाद मूली, गाजर, खीरा, ककड़ी, सेब या अमरूद कम से कम 50 ग्राम अवश्य खायें। इससे दाँतों को लाभ होता है। इन निर्देशों का पालन करने से पायरिया से मुक्ति मिल जाती है और भविष्य में भी दाँतों के रोग नहीं होते हैं।

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12. हरड़ का चूर्ण ‘दन्तमंजन’ के रूप में प्रयोग करें।

13. इन्द्रयव का चूर्ण नित्य 2-3 बार मलने से पायरिया में पूर्ण लाभ होता है।

14. बड़ी माई के फाॅट से बार-बार कुल्ला करें।

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