Nervous Weakness Ka Desi Ayurvedic Ilaj

Nervous Weakness Ka Desi Ayurvedic Ilaj

स्नायु दुर्बलता, स्नायु दौर्बल्य, नाड़ी दुर्बलता, नाड़ियों की कमजोरी
(Neurasthenia, Nervous Weakness)

परिचय-

यह रोग शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से होता है। स्नायुओं की कमजोरी से इनकी कार्यक्षमता में कमी आ जाती है, जिससे स्मरण शक्ति की कमजोरी, थोड़े से परिश्रम से थकान, चिड़चिड़ापन, रतिशक्ति में कमी आदि लक्षण होते हैं। बात करते-करते बात भूल जाना, अपना नाम तक भूल जाना रोग की उग्रतर स्थिति का लक्षण है।

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चिकित्सा-

Nervous Weakness Ka Desi Ayurvedic Ilaj

1. उदर के काढ़े पर चिरमिटी का चूर्ण 125 मि.ग्रा. छिड़कर सुबह-शाम लेने से स्नायुतंत्र की शक्ति बढ़ती है।

2. उन्नाब(वनबेर) का काढ़ा बुद्धि और स्मरण शक्ति को तेज करता है।

3. मालकांगनी का तेल 1.5 ग्राम नित्य लेने से स्मरणशक्ति की कमजोरी में लाभ होता है।

4. मालकांगनी का तेल स्मरणशक्ति को तेज करता है। सेवनविधि देखें शीर्ष बुद्धि वैकल्प।

5. कपास के बीजों(बिनौले की मींगी) की दूध में खीर बनाकर नित्य खाने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर हो जाती है। इससे स्मरणशक्ति और धातु की वृद्धि होती है।

6. मूली का तेल, कलौंजी का तेल और जैतून का तेल तीनों समान मात्रा में मिलाकर स्नायु की कमजोरी, माँसपेशियाँ क्रियाहीन हो गई हों तो उनकी मालिश नित्य दो बार करें। अर्धांग और लकवा(पक्षाघात) में भी उपयोगी है। इस योग का आन्तरिक और बाहरी प्रयोग होता है। मिरगी में इसकी मालिश सिर पर की जाती है। नाक में भी 1-2 बूँद नित्य 2-3 बार डालें।

7. कुलिंजन(बड़ी कुलंजन) के तेल की आक्रान्त अंगों पर मालिश करने से स्नायुजाल की शक्ति बढ़ती है।

8. खमीरा गाँवजबां 9-9 ग्राम सुबह-शाम सेवन करने से हृदय की धड़कन नियंत्रित होती है और हृदय तथा मस्तिष्क को ताकत देता है।

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9. चिरमिटी का चूर्ण 60 से 200 मि.ग्रा. तक दूध में औंटाकर इलायची डालकर पीने से स्नायुजाल की शक्ति बढ़ती है।

10. बच का चूर्ण 250 से 500 मि.ग्रा. तक की एक मात्रा नित्य घी मिले दूध के साथ लेने से 30-40 दिन में स्मरणशक्ति बढ़ जाती है।

11. स्मरणशक्ति बढ़ाने के लिए सारस्वत चूर्ण उत्तम है।

12. बादाम की गिरी 60 ग्राम समभाग मिश्री के साथ नित्य रात को सोने से पहले लेने से मस्तिष्क की कमजोरी ठीक हो जाती है।

13. ब्रह्यदण्डी 10 ग्राम मिश्री मिले दूध के साथ नित्य लेने से बुद्धि तेज होती है और स्मरणशक्ति में वृद्धि होती है।

Nervous Weakness Ka Desi Ayurvedic Ilaj

14. बहुफली के ताजे पौधे को पीसकर कपड़े में दबाकर रस निकाल लें। 1 औंस रस में शक्कर 10 ग्राम और पीपर का चूर्ण 700 मि.ग्रा. मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम लेने से स्मरणशक्ति और मस्तिष्क की कमजोरी दूर होती है।
नोट- ताजी बहुफली के अभाव में सूखी ही लेकर यवकुट करके 2 घंटे तक पानी में भिगो दें। फिर मसल-छानकर लुआब में मिश्री एवं पीपर निर्देशानुसार मिलाकर सेवन करें।

15. ब्राह्मी रसायन चूर्ण 1 से 3 ग्राम, असमान मात्रा में शहद और घी मिलाकर नित्य सुबह-शाम लेने से स्मरणशक्ति की वृद्धि होती है।

16. बिधारे की जड़ का चूर्ण को शतावरी के रस की 7 भावना देकर 10 ग्राम घी के साथ चाटने से बुद्धि और स्मरण शक्ति बढ़ती है।

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17. सरू चूर्ण 1.5 से 2 ग्राम शहद के साथ चाटने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर हो जाती है और स्मरणशक्ति की वृद्धि होती है।

18. सेब का मुरब्बा नित्य खाने से दिल और दिमाग की कमजोरी दूर होती है।

19. सोने के वृक्कों को बच और शहद के साथ चाटने से स्मरणशक्ति बढ़ती है।

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