Mota Hone Ke Gharelu Nuskhe

Mota Hone Ke Gharelu Nuskhe

मोटा होने के घरेलू नुस्खे

दुबलापन दूर करने और वजन बढ़ाने के लिए जरूरी बातें-

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जहां आज मोटापा कई लोगों के लिए अभिशाप बनता जाता रहा है, तो वहीं दूसरी ओर दुबलापन भी कई लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है। वजन बढ़ाने और हृष्ट-पुष्ट शरीर पाने के लिए लोग कुछ-न-कुछ जुगत लगाने में लगे हुए हैं। विशेषकर युवा वर्ग तो जल्द से जल्द वजन बढ़ाकर आकर्षक बाॅडी पाने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं। फिर चाहे स्त्री हो या पुरूष दोनों ही अच्छी सेहत के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, लेकिन क्या उनके प्रयास उत्तम होते हैं?

“यदि आप भी अपने दुबलेपन से परेशान हो चुके हैं, तो इस हिंदी लेख में बताये जा रहे हैं दुबले-पतले लोगों के लिए बहुत ही बहुमूल्य जानकारियाँ व उपाय।”

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दुर्बल रोगी और दुर्बलता पर बहुमूल्य जानकारी-

Mota Hone Ke Gharelu Nuskhe

1. ऐसे रोगी ऐसे स्थान पर रहें, जिसमें निकलते हुए सूर्य का प्रकाश, प्रातः उषाकाल की निर्मल वायु अधिक से अधिक प्रवेश कर सके। यदि किसी कारणवश घर ऐसा न हो तो सूर्योदय से आधा या एक घंटा पहले खुले मैदान में नंगे पाँव टहलने का कार्यक्रम बनायें। टहलने में कम-से-कम आधा या फिर एक घंटा अवश्य लगायें। सूर्य की तेज धूप की प्रखरता से पूर्व ही घर वापस आ जायें। स्वस्थ रहने के लिए यह अति आवश्यक है।

2. प्राकृतिक जल का प्रयोग अधिक से अधिक करें। यदि ऐसा संभव न हो तो कम से कम पीने के पानी को उबाल कर ठंडा करके प्रयोग करें।

3. खान-पान या पेय में वही पदार्थ लें, जो ताजा, सुपाच्य, पौष्टिक, स्वास्थ्य के अनुकूल एवं कृत्रिम रंग या रसायन से रहित हो।

4. प्रातः समय के नाश्ता में भुने हुए चने 50 ग्राम दूध 250 मि.ली. के साथ नित्य लेना सर्वोत्तम आहार है। दूध में चीनी कम हो।

5. यदि चाय लेते हों तो उसे बंद कर दें। उसके स्थान पर ‘बोर्नविटा’ या अन्य कोई ऐसा पेय लें। चाय शरीर में थोड़ी स्फूर्ति लाती है, लेकिन कई गुना पाचन संस्थान को रोगी बना देती है। इससे पेट के कई रोग हो जाते हैं।

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6. बहुत अधिक दुबले-पतले लोग घी, दूध, मक्खन, मलाई, दही, सूखे मेवे तथा फल आदि का प्रयोग भोजन के साथ या अन्य समय में अवश्य करें।

7. दही कृशता दूर करने में लाभप्रद है। यह बलकारक भी है। शरीर को हृष्ट-पुष्ट बनाने के साथ-साथ सबल भी बनाती है।

8. कृशता चिकित्सक को चाहिए कि कृश(दुबले-पतले) रोगी के रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा(रक्त परीक्षण से) ज्ञात करें। यदि इसकी कमी हो तो रक्तवर्धक औषधियाँ दें। साथ ही विटामिन, कैल्शियम एवं यकृत क्रिया को नियमित करने वाली औषधियाँ भी दें।

9. बासी भोजन मत दें। बासी भोजन शरीर में जाकर शरीर को बर्बाद करता है अर्थात् अनेक प्रकार के रोगों को पैदा करता है।

10. जो भी शरीर के लिए हानिकारक हों, ऐसा कोई कदम न उठायें। यहां तक कि अधिक संभोग से भी दूर रहें। अन्यथा ओज, तेज एवं स्मृति का नुकसान होने के साथ-साथ शरीर भी खिन्न हो जायेगा।

11. अनाज में जौ और पेय में दूध अधिक से अधिक दें। दूध के साथ-साथ खजूर, छुआरा, पका केला आदि का सेवन उत्तम है। दूध स्वयं भी अपने आप में शरीर के लिए पूर्ण आहार है।

12. कृशता की दृष्टि से शहद, जैतून का तेल और दूध का स्थान सर्वोपरि है।

13. शरीर स्वस्थ हो तो मन प्रसन्न रहता है। मन प्रसन्न हो तो तन स्वस्थ रहता है। तन और मन प्रसन्न हों, तो जीवन सुखी होता है। जीवन के सभी आनन्दोपभोग की क्षमता प्राप्त होती है। अतः स्वच्छ एवं स्वस्थ आहार लेना ही उत्तम है।

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Mota Hone Ke Gharelu Nuskhe

14. यदि आहार में दूध से बने पदार्थों की मात्रा पर्याप्त हो तो माँस खाने की आवश्यकता नहीं रहती है।

15. रोटी को दूध में मिलाकर खाने से भी शरीर हृष्ट-पुष्ट होता है।

16. दो सप्ताह या प्रति सप्ताह एक दिन उपवास रखना(निराहार रहना) शरीर के लिए हितकर है, लेकिन इससे अधिक कृश रोगी के लिए उचित नहीं है।

तो यह थे दुबलेपन के शिकार लोगों के लिए कुछ जानकारियाँ और उपाय। इन पर अमल करें और स्वस्थ रहें।

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