Khujli Door Karne Ke Upay

Khujli Door Karne Ke Upay

खुजली दूर करने के उपाय

खाज खुजली(Itches & Scabies)

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यह चर्म रोग के रूप में होता है, लेकिन इसका मूल कारण ‘रक्त में दोष’ होना है। रक्त में दोष या गंदगी को दूर करने के लिए शरीर को स्वस्थ रखना है। इसके लिए आवश्यक है मल-मूत्र आदि का नियमित रूप से करना। खुली वायु का सेवन, स्वच्छ एवं ताजा भोजन खाज-खुजली के रोगियों के लिए आवश्यक होता है।

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खाज खुजली से बचने के उपाय-

Khujli Door Karne Ke Upay

1. अपने पहनने वाले कपड़ों की सफाई नित्य करें और धूप में सुखायें। अन्य व्यक्तियों को प्रयोग में लाने से मना करें अन्यथा स्वस्थ व्यक्ति भी खाज-खुजली का शिकार हो जायेंगे।

2. पेट साफ करने के लिए लगातार कुछ दिन तक एनीमा लें।

3. पानी अधिक से अधिक पीयें। सुबह उठते ही और रात को सोते समय, भोजन से एक घंटा पहले और दो घंटा बाद अवश्य पानी पीना चाहिए।

4. पसीना लाने के लिए धूप में मत बैठें, इससे खाज बढ़ती है गीली पट्टी का प्रयोग अवश्य करें। इसके लिए मोटे-मोटे 3-4 एक-दूसरे पर बिछाकर उस पर एक सूती चादर ठण्डे पानी में भिगो और निचोड़ कर बिछा दें। इस पर रोगी सोये और सारे कम्बलों को अपने शरीर पर लपेट ले। आधा से एक घंटे में पसीना आ जायेगा। यदि पट्टी लपेटने के पहले गर्म पानी पी लिया जाये तो पसीना आने में आसानी होती है। एक घंटे बाद पट्टी हटाकर, ठण्डे पानी से स्नान करें। इस प्रकार गीली पट्टी सप्ताह में 3 बार लें। जिस दिन पट्टी लेने की बारी न हो, उस दिन पानी हाथ में लेकर चुपड़-चुपड़ कर सारे शरीर को रगड़ें। इस क्रिया को कम से कम दस मिनट तक अवश्य करें। इससे त्वचा के सारे रोमकूप खुल जाते हैं।

5. भोजन में नमक कम से कम लें। यदि नमक न लिया जाये तो अच्छा है। कम से कम तब तक, जब तक खाज-खुजली ठीक न हो जाये।

6. भोजन में एक समय हरे चने और टमाटर हों और दूसरे समय चोकरसहित रोटी और हरी तरकारियां हरे चने के अभाव में अंकुरित चने या अंकुरित मूंग ले सकते हैं।

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7. आन्तरिक किसी भी औषधि का सेवन मत करें। शीघ्र लाभ के लिए नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर बाहरी प्रयोग करें।

8. पानी 1 लीटर में चोकर 50 ग्राम मिलाकर उबालें। स्नान करने से पहले नित्य इस पानी से पूरे शरीर को कम से कम 15 से 20 मिनट तक मलें। इससे खाज-खुजली में लाभ होता है।

9. सूखे आँवले पीसकर नारियल के तेल में मिलाकर तमाम शरीर पर लगाने से खाज-खुजली ठीक हो जाती है।

10. एक नींबू के रस में दोगुना पानी मिलाकर नित्य पीने से रक्तविकार दूर हो जात हैं।

11. संतरे का रस एक गिलास नित्य पीने से रक्त विकार एवं खाज-खुजली दूर हो जाती है।

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