Khansi Ke Liye Gharelu Upay

Khansi Ke Liye Gharelu Upay

खांसी के लिए घरेलू उपाय

रोग परिचय-

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खांसी अथवा कास एक सामान्य-सा दिखने वाला आम रोग है, जो श्वास प्रणाली के अनेक विकारों के फलस्वरूप एक लक्षण के रूप में प्रकट होता है। केवल श्वास प्रणाली की गड़बड़ी ही नहीं, अपितु यकृत की गड़बड़ी की वजह से भी खांसी का प्रकोप होता है।

खांसी के प्रमुख कारण-

खांसी आमतौर पर गले एवं फेफड़ों से संबंधित रोगों का एक लक्षण मात्र होता है। खांसी कोई स्वतंत्र रोग नहीं है। खांसी किसी न किसी रोग के उपसर्ग के रूप में पैदा होती है। जैसे कुकुर खांसी या काली खांसी को स्वतंत्र खांसी की श्रेणी में रखा जा सकता है। यह रोग देखने-सुनने में सहज लगता जरूर है, लेकिन चिकित्सा में यह थोड़ा गंभीर व कठिन भी है। अतः इसकी उपेक्षा कभी भी नहीं करनी चाहिए। उपेक्षा के परिणाम घातक भी हो सकते हैं। ऐसा नहीं है कि खांसी केवल रोगी को अथवा रोग की अवस्था में ही उभरती है, बल्कि खांसी स्वस्थ व्यक्ति को भी प्रभावित कर सकती है। अतः चिकित्सा के पूर्व खांसी के कारण की यदि सही-सही खोज की जाये तो चिकित्सा में तत्काल सफलता प्राप्त हो जाती है। केवल इलाज से ही खांसी पर विराम नहीं लगाया जा सकता, वरन खांसी की चिकित्सा के साथ-साथ पर्याप्त आवश्यक परहेज तथा खान-पान में सुधार की भी आवश्यकता पड़ती है।

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खांसी के प्रमुख लक्षण-

श्वासनांगों के विकार, श्वास प्रणाली के विकार, श्वास नली की सूजन(शोथ), प्रदाह, फेफड़ों के रोग, फेफड़ों की जलन, यकृत विकार, यकृत पीड़ा, प्लूरिसी आदि रोगों में खांसी अवश्य मौजूद रहती है। दमा(अस्थमा) रोग में तो होती ही है। खांसी प्रमुखतौर पर तीन प्रकार की होती है।
1. सूखी खांसी, 2. गीली, तर अथवा बलगमी खांसी, 3. दौर के रूप में उठने वाली खांसी।

सहायक चिकित्सा-

खांसी की चिकित्सा करने से पूर्व हर चिकित्सक का प्रमुख कर्तव्य है कि वह खांसी के मूल कारणों की खोज करें तथा निवारण पहले करें। कारण ज्ञात होते ही चिकित्सा में सुविधा हो जाती है। यदि कारण अज्ञात है तो खांसी और कारण ज्यों के त्यों बने रहेंगे और खांसी की सारी चिकित्सा तो व्यर्थ होगी ही, रोग और अधिक प्रफुल्लित होकर रौद्र रूप धारण कर लेगा। अतः न केवल खांसी बल्कि हर रोग में कारण की तलाश के प्रति सदैव सजग-सचेत रहना चाहिए।

Khansi Ke Liye Gharelu Upay

ध्यान रखें- खांसी की औषधियां रोगानुसार प्रयोग करनी चाहिए। यदि सूखी खांसी में बलगमी खांसी की चिकित्सा की जाये तो लाभ की बजाये, नुकसान की संभावना अधिक रहेगी। अतः खांसी के लक्षण, कारणों को देखते हुए चिकित्सा करना श्रेष्ठ है।

खांसीनाशक घरेलू उपचार-

Khansi Ke Liye Gharelu Upay

1. अभ्रक भस्म में सुहागे का लावा मिलाकर चाटने से सूखी खांसी का नाश हो जाता है।

2. अभ्रक भस्म में फिटकरी का लावा मिलाकर चाटने से सूखी खांसी में लाभ हो जाता है।

3. अडूसा का काढ़ा और कटेरी का काढ़े में शहद तथा पीपल का चूर्ण डालकर पीने से कफ वाली खांसी का सर्वथा नाश हो जाता है।

4. सोंठ का काढ़ा बनाकर प्रयोग करने से खांसी नष्ट हो जाती है।

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5. अदरक के रस में शहद मिलाकर प्रयोग करने से खांसी का नाश हो जाता है।

6. पुष्करमूल, गिलोय, कटेली, सोंठ को बराबर-बराबर लेकर उसमें थोड़ा अडूसा मिलाकर काढ़ा तैयार करें और प्रयोग करायें।

7. छोटी कटेली का भुरता करके उसी के रस में पीपल का चूर्ण मिलाकर प्रतिदिन प्रयोग करायें। खांसी नष्ट हो जायेगी।

8. आक के फूल के बीच की फूली तथा काली मिर्च समभाग पीसकर 1-1 रत्ती की गोलियां बनाकर 1-1 सुबह-शाम प्रयोग करायें। खांसी का पूर्णतः नाश हो जायेगा।

9. अनार का छिलका 40 माशा, गुड़ डेढ़ टके भर, काली मिर्च तथा पीपल 10-10 माशा, जवाखार 4 माशा, बारीक पीस लें और चने के बराबर गोलियां बना लें। यह 2-2 गोलियां प्रतिदिन खाने से खांसी समूल नष्ट हो जाती है।

10. पुष्करमूल, पीपल, सोंठ, कचूर, नागरमोथा, हड़ की छाल बराबर-बराबर पीसकर 6 रत्ती भार की गोलियां बना लें और 1-2 गोली प्रतिदिन प्रयोग करने से खांसी दूर हो जाती है।

11. काली मिर्च, बहेड़े का छिलका, खैरनार, लौंग समभाग लेकर पीसकर बबूल के काढ़े से 2-2 रत्ती की गोलियां बना लें। उसके पश्चात् 1-3 गोलियां प्रतिदिन प्रयोग करायें। खांसी दूर हो जायेगी।

12. तुलसी के पत्ते चबाने से खांसी नष्ट हो जाती है।

13. 60 ग्राम तुलसी का चूर्ण अथवा तुलसी के पत्तों का रस, 1 ग्राम काली मिर्च, 1 ग्राम मुलेहठी का चूर्ण, 2 ग्राम गाय का घी मिलाकर मधु के साथ चाटने से भयंकर खांसी का भी नाश हो जाता है।

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14. तुलसी की मंजरी को अदरक के रस में पीसकर मधु के साथ चाटने से खांसी खत्म हो जाती है।

15. तुलसीपत्र का रस और अड़ूसा के पत्तों का रस मिलाकर पिलाने से खांसी चली जाती है।

16. तुलसी के रस में मधु और मिश्री मिलाकर प्रयोग करने से खांसी पीछा छोड़ देती है।

17. खुश्क धनिया को कूटकर उसके बीजों को अलग कर लें और बारीक पीस लें तथा 2 ग्राम शहद के साथ चाटने से सूखी खांसी दूर हो जाती है।

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