Kamar Dard Ka Ilaj

Kamar Dard Ka Ilaj

कमर दर्द का इलाज

Low Back Pain, Waist Pain, Kamar Dard Ka Ilaj

इस रोग में कमर दर्द होता है जिसे उठने-बैठने तथा चलने-फिरने में परेशानी होती है। कमर में दर्द व जकड़न ही इसके प्रधान लक्षण हैं। वैसे कमर दर्द के अधिकांश रोगियों को कब्ज़ रहती है। पेट में गैस भी होती है।

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देसी घरेलू चिकित्सा-

1. अश्वगंधा, सोंठ और बिधारा बराबर-बराबर लेकर महीन कर लें। 1-1 चम्मच सुबह-शाम सुखोष्ण मीठे दूध के साथ दें।

2. सोंठ का काढ़ा तैयार करके 4-4 चम्मच प्रतिदिन 3 बार 1-1 चम्मच एरण्ड का तेल (Caster Oil) मिलाकर पिलायें।

3. अश्वगंधा का चूर्ण 1-1 चम्मच सुबह-शाम दूध के साथ लेने से लाभ होता है। लगातार कुछ दिन तक लें।

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4. सरसों के तेल में लहसुन और अजवायन जलाकर छान लें। गर्म करके प्रतिदिन 2 बार कमर पर मालिश करें।

5. सरसों का तेल 50 ग्राम, कर्पूर 25 ग्राम दोनों शीशी में डालकर धूप में रखें। कर्पूर पिघल कर तेल में मिल जायेगा। इसकी कमर पर सुबह-शाम मालिश करें।

6. 2 छुहारे, अश्वगंधा चूर्ण 1 चम्मच और सोंठ चूर्ण 2 ग्राम, दूध 250 मि.ग्रा. में पानी 250 मि.लि. मिलाकर खूब खौलाएं। पानी जल जाने के बाद उतार लें। मिश्री मिलाकर ठंडा होने पर इसका सेवन करायें। यह एक मात्रा है, सुबह-शाम दें।

7. पोस्ते दाने और मिश्री 10-10 ग्राम पीसकर फँक्की लेने से कमर की पीड़ा मिटती है।

8. असगन्ध नागौरी का चूर्ण 1 से 3 ग्राम शक्कर और घी के साथ नित्य चाटने से कटिशूल में लाभ होता है।

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9. एकवीर(Bridelia Montana) की जड़ और छाल का क्वाथ कटिशूल में उपयोगी है। यह वेदनाशामक, वातनाशक और संकोचक है।

10. गंद बिरोजा का लेप करने से कमरदर्द और जोड़ों का दर्द ठीक हो जाता है।

11. बड़ के दूध का लेप करने से कमर की पीड़ा ठीक हो जाती है।

12. जायफल और असगन्ध का चूर्ण बंग भस्म के साथ लेने से कमर की पीड़ा दूर होती है।

13. बाबूना का तेल, वात और पीड़ानाशक है। इसकी मालिश से कमरदर्द, गठिया, गृध्रसी में लाभ होता है।

14. समुद्रफल(एक मध्यम कद का वृक्ष) आक की जड़ के साथ पीसकर लेप करने से कमरदर्द में लाभ होता है।

15. सोंठ के क्वाथ में एरण्ड(अरण्डी) का तेल मिलाकर पीने से कमर, वस्ति और कुक्षि के शूल में लाभ होता है।

17. शुष्क पुदीना, हरड़, मेंहदी और आँवला को 10-10 ग्राम की मात्रा में मिश्रण करके अच्छे-से पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। इसे लहसुन से तैयार रस के साथ मिलाकर गोलियाँ तैयार करके सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करें।

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