Kamar Dard Dur Karne Ke Desi Gharelu Upay

Kamar Dard Dur Karne Ke Desi Gharelu Upay

कमरदर्द, कटिशूल, कटिपेशीवात-
Backache, Lumbago-

परिचय- जब वात-विकार कमर की माँसपेशियों पर केन्द्रित होते हैं तो यह पीड़ा होती है। इस स्थिति में रोगी को उठने, बैठने, झुकने और लेटने में कठिनाई होती है। यदि कष्ट उग्रावस्था में हो तो ज्वर भी हो सकता है। कभी-कभी यह पीड़ा बवासीर एवं श्वेत प्रदर के कारण भी होती है। इनके अतिरिक्त ऋतु परिवर्तन, ठंड लगना, अचानक भारी सामान झटके के साथ उठाना और कष्टरज आदि में भी कटिशूल होती है।

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कमरदर्द के मुख्य कारण-

1. माँसपेशियों का खींच जाना या बहुत ज्यादा तनाव आना।

2. शरीर का वजन बढ़ना।

3. बैठने का गलत तरीका अपनाना।

4. हाई हील(ऊँची ऐड़ी) के सैंडिल अथवा जूते बहुत अधिक पहनने से।

5. अधिक वजन वाली चीजें गलत तरीके से उठाने के कारण।

6. लंबे समय से चले आ रहे रोग के कारण।

7. बहुत ज्यादा मुलायम, गद्देदार बिस्तर पर सोने से।

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देसी आयुर्वेदिक चिकित्सा-

Kamar Dard Dur Karne Ke Desi Gharelu Upay

1. पोस्ते दाने और मिश्री 10-10 ग्राम पीसकर फँक्की लेने से कमर की पीड़ा मिटती है।

2. असगन्ध नागौरी का चूर्ण 1 से 3 ग्राम शक्कर और घी के साथ नित्य चाटने से कटिशूल में लाभ होता है।

3. एकवीर(Bridelia Montana) की जड़ और छाल का क्वाथ कटिशूल में उपयोगी है। यह वेदनाशामक, वातनाशक और संकोचक है।

4. करील(Capparis Aphylla) की लकड़ी की राख को घी में मिलाकर चाटने से जोड़ों की पीड़ा, कमरदर्द आदि में लाभ होता है।

5. गंद बिरोजा का लेप करने से कमरदर्द और जोड़ों का दर्द ठीक हो जाता है।

6. बड़ के दूध का लेप करने से कमर की पीड़ा ठीक हो जाती है।

7. जायफल और असगन्ध का चूर्ण बंग भस्म के साथ लेने से कमर की पीड़ा दूर होती है।

8. बाबूना का तेल, वात और पीड़ानाशक है। इसकी मालिश से कमरदर्द, गठिया, गृध्रसी में लाभ होता है।

Kamar Dard Dur Karne Ke Desi Gharelu Upay

9. समुद्रफल(एक मध्यम कद का वृक्ष) आक की जड़ के साथ पीसकर लेप करने से कमरदर्द में लाभ होता है।

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10. सोंठ के क्वाथ में एरण्ड(अरण्डी) का तेल मिलाकर पीने से कमर, वस्ति और कुक्षि के शूल में लाभ होता है।

11. शुष्क पुदीना, हरड़, मेंहदी और आँवला को 10-10 ग्राम की मात्रा में मिश्रण करके अच्छे-से पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। इसे लहसुन से तैयार रस के साथ मिलाकर गोलियाँ तैयार करके सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करें।

12. कमरदर्द को छू मंतर करने के लिए तारपीन के तेल से मालिश करें।

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