Immunity Badhane Ke Liye Gharelu Nuskhe

Immunity Badhane Ke Liye Gharelu Nuskhe

रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी(Lack of Immunity Power)-

शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। कोई भी रोग आसानी से शरीर पर आक्रमण कर देता है और व्यक्ति उसकी चपेट में आ जाता है। शारीरिक शक्ति भी कम हो जाती है और व्यक्ति बार-बार बीमार हो जाता है। उसे कई रोग घेर लेते हैं और वह आलसी प्रवृत्ति का हो जाता है। थोड़े से ही परिरूम से बुरी तरह थककर हांफने लगता है।

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घरेलू चिकित्सा-

Immunity Badhane Ke Liye Gharelu Nuskhe

1. आँवला मुरब्बा 1-1 नग सुबह-शाम खाकर दूध पी लें। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को तीव्रता से बढ़ाता और मानसिक रूप से भी व्यक्ति को शांत और स्वस्थ रखता है।

2. सूखे आँवलों के चूर्ण में ताजे आँवलों के रस की भावना देकर कूटकर सुखा लें। फिर उसमें समभाग अश्वगंधा चूर्ण मिला लें। 1-1 चम्मच सुबह-शाम दूध के साथ दें।

3. आँवला, गोखरू, नीम और गिलोय बराबर-बराबर लेकर चूर्ण कर लें। इसमें एक भाग अश्वगंधा चूर्ण भी मिला लें। 1-1 चम्मच प्रतिदिन 2-3 बार दूध या जल के साथ लें।

4. आँवला स्वरस 2 चम्मच, गिलोय स्वरस 2 चम्मच और असली शहद 1 चम्मच मिलाकर सुबह-शाम खाली पेट लें।

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5. सूखे आँवलों के चूर्ण में ताजे आँवलों के रस की भावना देकर कूट-पीसकर रख लें। 1-1 चम्मच सुबह-शाम विषम भाग मधु-धृत मिलाकर चाटें तथा ऊपर से सुखोष्ण मीठा दूध पी लें।

6. प्रतिदिन प्रातः गाजर, मौसमी, संतरा, अंगूर, अनार या पालक जो भी उपलब्ध हो, उसका रस एक गिलास पीयें। प्रतिदिन शाम को सेब या पपीता नाश्ते के रूप में खायें। भोजन के बाद सलाद जरूर लें। प्रतिदिन एक पाव गाय का दूध जरूर पीयें।

Immunity Badhane Ke Liye Gharelu Nuskhe

7.सर्दियों में दूध के साथ शुद्ध शिलाजीत का सेवन करने से हड्डियों, लिवर और प्रजनन संबंधी रोग नहीं होते। शिलाजीत का सेवन करने वाले को कबूतर का सेवन नहीं करना चाहिए।

8. तुलसी के पत्तों में खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी रोगों से लड़ने की शक्ति है। बदलते मौसम में तुलसी की पत्तियों को उबालकर या चाय में डालकर पीने से नाक और गले के इंफेक्शन से बचाव होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में गजब का इजाफा होता है।

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9. मुलहठी का चूर्ण आयुर्वेदिक एंटिबायॉटिक है। सर्दियों में दूध या शहद के साथ रोज मुलहठी चूर्ण लेने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सर्दी, खांसी, न्यूमोनिया जैसे रोग नहीं होते। कफ संबंधी बीमारियों को खात्मा होता है और श्वसन संबंधी रोग भी नहीं होते। बच्चों को दो चुटकी मुलहठी चूर्ण शहद के साथ दिन में एक बार दी जा सकती है। बड़ों को आधा चम्मच मुलहठी चूर्ण गर्म दूध के साथ दिन में एक बार लेना चाहिए।

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