Hichki Band Karne Ka Ilaj

Hichki Band Karne Ka Ilaj

हिचकी बंद करने का इलाज

हिक्का, हिचकी, हिक्कफ
Hiccup, Hiccough

परिचय-

हिचकी अपने आप में कोई स्वतंत्र रोग नहीं है, बल्कि किसी रोग के साथ गंभीर अवस्था का सूचक है। कभी-कभी वक्षोदर मध्यस्थ माँसपेशी और टैंटुए की क्षणिक अकड़न के साथ साँस लेने की प्रक्रिया को हिचकी कहते हैं। इसमें रूक-रूक कर एक प्रकार की कर्कश आवाज़ होती है। उसे वक्षोदर मध्यस्थ माँसेपशी कहते हैं जोकि वक्ष और उदर के बीच होता है। कभी-कभी यह घातक भी सिद्ध होता है। अतः कारण कुछ भी हो इसका उपचार यथाशीघ्र आवश्यक होता है।

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चिकित्सा-

Hichki Band Karne Ka Ilaj

1. यदि भोजन के बाद हिचकी आये ते भोजन के बाद अजमोद चूसते रहें।

2. अनानास के पत्तों के रस में शक्कर मिलाकर पीने से हिचकी बंद हो जाती है।

3. अपराजिता के बीजों को पीसकर चिलम में भरकर धूम्रपान करने से हिचकी ठीक हो जाती है।

4. अरहर की भूसी हुक्के में डालकर पीने से हिचकी बंद हो जाती है।

5. आम के सूखे पत्तों को चिलम में भरकर पीने से हिचकी बंद हो जाती है।

6. आँवले, सेब का रस और पीपर का चूर्ण शहद के साथ लेने से हिचकी बंद हो जाती है।

7. हल्दी, सन की छाल और उड़द के आटे का धूम्रपान करने से हिचकी बंद हो जाती है।

8. उड़द को हुक्के में रखकर(तम्बाकू की भाँति) पीने से हिचकी बंद हो जाती है।

Hichki Band Karne Ka Ilaj

9. कलौंजी(मडरैला) का चूर्ण 3 ग्राम मक्खन में मिलाकर चाटने से हिचकी बंद हो जाती है।

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10. कसौंदी के पत्तों का यूष बनाकर पीने से हिचकी में लाभ होता है।

11. सुई की नोंक पर एक काली मिर्च चुभोकर दीपक की लौ पर जलायें। जब धुआँ निकलने लगे, तब उस धुएँ को नाक से अंदर खींचे। इससे हिचकी और सिरदर्द दूर हो जाता है।

12. कुटकी के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर चाटने से हिचकी बंद हो जाती है।

13. कुल्थी का सेवन करने से हिचकी में लाभ होता है।

14. कुश(पवित्र डाभ) में थोड़ा-सा घी मिलाकर उसका धुआँ लेने से हिचकी में लाभ होता है।

15. कुठ और राल का धुआँ लेने से हिचकी में लाभ होता है।

16. गिलोय(गुरूच) और सोंठ के चूर्ण को मिलाकर सूंघने से हिचकी बंद हो जाती है।

17. गेरू के चूर्ण को शहद में मिलाकर चाटने से हिचकी बंद हो जाती है।

18. थोड़ा-सा गर्म घी, गर्म दूध में मिलाकर चाटने से हिचकी बंद हो जाती है।

19. जमालगोटे की गिरी को हुक्के में भरकर पीने से बादी की हिचकी बंद हो जाती है।

20. सफेद जीरे पर घी चुपड़ कर चिलम में डालकर धूम्रपान करने से हिचकी में लाभ होता है।

21. काला जीरा सिरके के साथ लेने से हिचकी में लाभ होता है।

22. ताड़ के कच्चे फलों से जो सफेद रस निकलता है उसको पीने से हिचकी में तुरन्त फायदा होता है।

23. नींबू का रस और नींबू के बीजों को ताम्र भस्म के साथ सेवन करने से हिचकी में लाभ होता है।

24. पीपल वृक्ष की छाल को जलाकर उसकी राख को पानी में घोलकर उसके निथरे पानी को पीने से हिचकी बंद हो जाती है।

25. पीपल(पीपर) के चूर्ण को शक्कर में मिलाकर फँकी लेने से हिचकी बंद हो जाती है।

26. पोकरमूल, जवाखार और काली मिर्च को गर्म जल के साथ लेने से हिचकी और श्वास में लाभ होता है।

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27. पोदीने के पत्तों को बूरे के साथ चबाने से हिचकी में लाभ होता है।

28. बबूल के ताज़े हरे या सूखे काँटों को यवकूट करके पानी में उबाल लें। आधा पानी शेष रहने पर छानकर ठण्डा होने पर शहद मिलाकर पीने से हिचकी में लाभ होता है।

29. मुलहेठी के चूर्ण को शहद के साथ चाटने से हिचकी बंद हो जाती है।

30. सूखी मूली के टुकड़ों को औटाकर पीने से हिचकी श्वास और हिचकी में लाभ होता है।

31. सोंठ और हरड़ को पानी में पीसकर उसकी लुगदी को खाकर गर्म जल पीने श्वास और हिचकी में लाभ पहुंचता है।

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