Ganjepan Ka Ilaj

Ganjepan Ka Ilaj

गंजेपन का इलाज

इन्द्रलुप्त, गंजापन, सिर के बाल उड़ जाना

Alopecia, Alopecia Treatment, Alopecia Symptoms, Hair Fall

इस रोग को चनैल खालित्य, गंजापन तथा एलोपेसिया के नाम से भी पुकारा जाता है। इन सभी का एक ही अर्थ है- सिर के बाल उड़ जाना अथवा सिर गंजा हो जाना।
बालों में पोषक तत्वों का अभाव, बुढ़ापा, वंशानुगत असर, विषैले विजातीय द्रव्यों आदि के प्रभाव के कारण सिर के बाल झड़-झड़ कर गिरने लग जाते हैं और कुछ ही अवधि में सिर गंजा हो जाता है। फलस्वरूप सिर की सुंदरता नष्ट हो जाती है, व्यक्तिगत पर्सनेलिटी में भी असर पड़ता है तथा सिर में किसी पदार्थ से चोट लगने पर बाल की सुरक्षा के अभाव में तीव्र पीड़ा होती है अथवा फटकर खून बहने लगता है।

आप यह हिंदी लेख Chetanherbal.com पर पढ़ रहे हैं..

सिर के बाल उड़ने के प्रमुख कारण-

1. बालों को पोषक तत्व न मिलना।

2. बालों का रोगग्रस्त हो जाना।

3. बालों से भूसी झड़ना।

4. शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाना।

5. कमज़ोर, कृशकाय हो जाना।

6. पोषक तत्वों से रहित भोजन करना।

7. वृद्धावस्था में आई कमजोरी के कारण बाल झड़ना।

8. वंशगत प्रभाव।

9. शरीर में विषैले प्रभाव का हो जाना।

उपरोक्त कारणों से रोगी के सिर के बाल उड़ जाते हैं। जिस स्थान से सिर के बाल उड़ जात हैं, वहाँ का सिर गंजा हो जाता है। इस रोग का प्रमुख कारण बालों की जड़ों में होने वाले रोग हैं।

आयुर्वेदिक चिकित्सा-

Ganjepan Ka Ilaj

1. बालों को काली मिट्टी से धोकर तथा नित्य 2-3 बार कंघी करके स्वच्छ और सुखाकर विशुद्ध नारियल का तेल बालों और जड़ों में मलें।

2. गंज स्थान पर हाथी के दाँतों को कागजी नींबू के रस में घिसकर लेप बनाकर बालों और उसकी जड़ो पर लगायें।

3. 5 से 10 वर्ष पुराने आम के अचार के तेल को ऊपर से निथार कर शीशी में भर लें। अब इस तेल को रात को सिर पर लगाकर हल्की मालिश कर लें। फिर इस पर जिलैटिन का कागज रखकर ऊपर से कपड़ा बांध लें। रातभर यह कपड़ा बंधा रहने दें और प्रातः खोल दें। मुलतानी मिट्टी, आँवला, नींबू का रस, दही तथा तेल तिल्ली को पानी में मथकर सिर पर लगायें और स्नान कर लें। इस प्रकार दो मास तक करते रहने से नये बाल उग आते हैं। इसका प्रयोग धैर्य के साथ काफी समय तक करायें।

यह भी पढ़ें- उच्च रक्तचाप(हाई ब्लड प्रेशर)

4. कुठ, काले तिल, गौरीसर, कमलगट्टा, छड़छडीला, मधु और दूध समभाग। इन सबको इकट्ठा खरल मेें घोंटकर सिर पर लेप दिन में दो बार करें, तो बाल बहुत बढ़ेंगे और झड़ेंगे नहीं।

5. त्रिफला के काढ़े में लोहा चूर्ण, काला भृंगराज पत्र स्वरस, आँवला(ताज़ा) का रस और काले तिल का स्वरस प्रत्येक समभाग मिलाकर 12 घण्टे तक भिगोकर रख दें और नित्य प्रातः इसको मथ और छानकर तरल से बालों की जड़ों और गंज स्थान पर धीरे-धीरे मलें तो लाभ होगा।

Ganjepan Ka Ilaj

6. शिकाकाई केश तेल- थोड़ा सा तेल तलहथी पर लेकर गंज स्थान तथा बालों की जड़ों में डालकर मालिश करें। इससे केश उग आत हैं तथा घने और लंबे हो जाते हैं।

7. टंकार का घृतकुमारी केश तेल(सूर्य)- इसे गंज वाले स्थान तथा बालों की जड़ों में दिन में दो बार लगाकर धीरे-धीरे मलें तो लाभ होगा।

8. सर्वप्रथम आँवला सूखा, भृंगराज सर्वांग सूखा, माजूफल, आम की गुठली की मींगी(गिरी) समभाग लेकर चूर्ण करके रात को जल में भिगोकर रखें तथा प्रातः उस जल से बालों को मलकर ऐसा धोयें कि उक्त तरल गंज स्थान तथा बालों की जड़ों में जम जाये।

About the author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.