Dant Dard Ke Liye Ayurvedic Upchar

Dant Dard Ke Liye Ayurvedic Upchar

दाँत दर्द के लिए ‘आयुर्वेदिक उपचार’

दाँत दर्द, दन्तशूल, दन्तपीड़ा, दाढ़ का दर्द
(Toothache)

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परिचय-

Dant Dard Ke Liye Ayurvedic Upchar

दन्तशूल(दाँत की पीड़ा) कभी-कभी बिना कीड़ा लगे भी होती है। देखने से दाँतों में कोई रोग नहीं होता है, लेकिन दाँत एवं मसूढ़ों में तीव्र पीड़ा होती है। सामान्यतः यह स्नायुविक पीड़ा होती है। गर्म के बाद ठण्डा अथवा ठण्डे के बाद तुरन्त गर्म आहार या पेय पीने से यह रोग हो जाता है।

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चिकित्सा-

1. अकरकरा को दाँत के नीचे दबाने से दन्तशूल ठीक हो जाता है। इसका काढ़ा मुख में रखने से हिलते दाँत मजबूत हो जाते हैं।

2. अजमोद को जलाकर उसकी धूनी लेने से दाँतों की पीड़ा ठीक हो जाती है।

3. सर्दियों की दन्त पीड़ा में अदरक के टुकड़ों को दाँतों के बीच में दबाने से लाभ होता है।

4. अनन्तमूल के पत्तों को पीसकर दाँतों के बीच दबाने से दन्तपीड़ा मिट जाती है।

5. अपामार्ग की ताजी जड़ को नित्य दातून करने से दाँतों का हिलना, दन्तशूल, मसूढ़ों की कमज़ोरी तथा मुँह की दुर्गन्ध में लाभ होता है। इससे दाँत मोती की भाँति चमकते हैं।

6. अफीम और नौशादार को पीसकर दाँत के छिद्र में रखने से दन्तपीड़ा ठीक हो जाती है।

7. अमरूद के पत्तों को चबाने से दन्त पीड़ा ठीक हो जाती है।

8. असन(विजयसार का गोंद) अथवा विजय सार के पत्तों के काढ़े से कुल्ले करने से मुखपाक और दन्त पीड़ा ठीक हो जाती है।

9. वाग्भट्ट अनुसार कीड़े खाये हुए दाँत की खोह में आक का दूध और सतिवन का चूर्ण मिलाकर भर दें। थूक(लार) फेंकते जायें। दन्तशूल में लाभ होता है।

10. आक के दूध में रूई भिगो और घी में तलकर दाढ़ में रखने से दाढ़ का दर्द मिट जाता है।

Dant Dard Ke Liye Ayurvedic Upchar

11. आस(विलायती मेंहदी) के सूखे पत्तों के चूर्ण करने से दाँतों की जड़ें मजबूत हो जाती हैं। इसके पत्तों के काढ़े से कुल्ले करने से गर्मी से होने वाला दाँत का दर्द ठीक हो जाता है।

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12. बड़ी इलायची के पानी से कुल्ला करने से दाँतों और मसूढ़ों की पीड़ा मिट जाती है।

13. कचनार की लकड़ी के कोयले को पीसकर मंज्जन करने से पीड़ा ठीक हो जाती है।

14. कचूर को दाँतों में दबाकर रखने से दन्तशूल में लाभ होता है।

15. कटेरी की जड़, छाल, पत्ते और फूलों को पानी में उबाल कर कुल्ले करने से दाँतों का दर्द दूर हो जाता है।

16. कत्थे की 250 मि.ग्रा. की गोली बनाकर चूसने से मसूढ़ों का दुस्साध्य दर्द ठीक हो जाता है।

17. कपास के बीजों(बिनौलों) को यवकुट करके औटाकर उस पानी से कुल्ले करने से दाँतों की पीड़ा मिट जाती है।

18. दाँत के गड्ढे में कर्पूर रखने से दाँतों की पीड़ा ठीक हो जाती है।

19. करील के कोपलों को दाँतों से चबाने से दाँतों की पीड़ा मिट जाती है।

20. कलिहारी के कन्द को पानी में घिसकर बांयी दाढ़ में दर्द हो तो दांहिने हाथ के अंगूठे के नाखून पर और दांहिनी दाढ़ में दर्द हो तो बांये हाथ के अंगूठे के नाखून पर लेप करने से दाढ़ का दर्द ठीक हो जाता है।

21. कायफल को सिरके में पीसकर दाँतों और मसूढ़ों पर मलने से दाँतों की पीड़ा शांत हो जाती है और दाँत मजबूत हो जाते हैं।

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