Bar Bar Peshab Aane Ki Samasya Ka Desi Ilaj

Bar Bar Peshab Aane Ki Samasya Ka Desi Ilaj

वस्तिवात मूत्र अधिक आना, मूत्र न आना-
(frequent urination, Urine blockage)

जब तक वायु(वात) सामान्य स्थिति में होती है तो मूत्र में किसी प्रकार का विकार नहीं होता है लेकिन वात(वायु) विकृति से मूत्र विकार होता है या बार-बार मूत्र आने की हाजत होती है या मूत्रावरोध(मूत्र रूकने) की स्थिति होती है और रोगी बार-बार मूत्र के लिए जाता है, लेकिन उसे खुलकर मूत्र नहीं आता है।

आप यह आर्टिकल chetanherbal.com पर पढ़ रहे हैं..

मूत्र अधिक या ना आने की समस्या के लिए प्राकृतिक चिकित्सा-

Bar Bar Peshab Aane Ki Samasya Ka Desi Ilaj

1. चुरनहार, खिरैंठी और दालचीनी समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर मिश्रित योग तैयार करके मिश्री मिला लें। 10-10 ग्राम कच्चा दूध 150 मि.ली. के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम बार-बार पीने से मूत्र आने लगता है।

2. अदरक(सोंठ) का चूर्ण और चीनी 6-6 ग्राम मिलाकर जल के साथ सेवन करने से मूत्रावरोध दूर हो जाता है।

3. काले तिल और शक्कर या गुड़ मिलाकर प्रतिदिन 2-3 बार खाने से मूत्र अधिक मात्रा में आता है।

4. कलमीशोरा पानी में पीस और पानी में घोलकर उसमें कपड़ा गीला करके नाभि के नीचे रखें। कपड़ें पर थोड़ी-थोड़ी देर बाद घोल डालकर कपड़े को गीला करते रहें। मूत्र खुलकर आने लगेगा।

यह भी पढ़ें- डायबिटीज़

5. त्रिफले का चूर्ण 3 ग्राम और लौह भस्म 60 मि.ग्रा. शहद में मिलाकर चाटने से मूत्र बार-बार आना ठीक हो जाता है।

6. आमलों को पानी में पीसकर पेड़ू पर लेप करें। मूत्र तुरन्त खुलकर आ जायेगा।

7. राई, कलमीशीरा और शक्कर 1-1 ग्राम मिलाकर खाने से मूत्र खुलकर आने लगता है।

8. सूखी बबूल की फलियों को कूट-पीसकर घी में भूनकर समभाग मिला लें। 6-6 ग्राम जल के साथ प्रतिदिन सेवन करने से मूत्र अधिक मात्रा में आता है।

About the author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.