Bar Bar Peshab Aana

Bar Bar Peshab Aana

बार बार पेशाब आना

बहुमूत्र, बिना चीनी का मूत्र अधिक आना, उदक मेह, मूत्रातिसार

Diabetes Insipidus, Frequent Urination, Bar Bar Peshab Aana

परिचय-

इस रोग में मधुमेह की भाँति मूत्र में चीनी की मात्रा अधिक नहीं होती है, लेकिन मूत्र की मात्रा अधिक होती है। इस रोग में 24 घण्टे में 10 लीटर तक मूत्र आता है। रोगी को बार-बार मूत्र के लिए जाना पड़ता है। रात में सोना भी कठिन हो जाता है। इसके साथ-साथ मन्दाग्नि, प्यास अधिक लगना, मूत्र का रंग हल्का पीला होता है। शरीर क्षीण होता जाता है। इस रोग के मुख्य कारण आमाशय विकार और मद्यपान हैं।

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चिकित्सा-

Bar Bar Peshab Aana

1. कन्दरी(कन्दौरी) की जड़ की छाल का ताजा रस 10 मि.ली. में नित्य सुबह के समय पीने से प्रमेह और बहुमूत्र में लाभ होता है।

2. कुलाहल(कोक्षिमा) के पंचांग का रस 25-25 मि.ली. नित्य दो बार पीने से बहुमूत्र और मधुमेह में लाभ होता है।

3. करंज के फूल का काढ़ा नित्य सुबह-शाम पीने से बहुमूत्र में लाभ होता है।

4. छोटी कुलिंजन को उबाल कर पीने से बहुमूत्र में लाभ होता है।

5. गूलर वृक्ष की जड़ से निकाले हुए मद को पीने से बहुमूत्र रोग में बहुत लाभ होता है।

6. तार के रस(ताड़ी) में थोड़ा खमीर उठाकर पीने से मूत्रातिसार में लाभ होता है।

7. काले तिल 6 ग्राम के साथ प्रवाल भस्म का सेवन करने से मूत्रातिसारों में लाभ होता है।

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8. पारिजात(हरसिंगार) के पत्तों का क्वाथ पीने से उदक प्रमेह(बहुमूत्र) में लाभ होता है।

9. मरोड़फली को बंग भस्म के साथ नित्य सुबह-शाम सेवन करने से मूत्रातिसार में फायदा पहुंचता है।

10. जायफल के चूर्ण के साथ काली मूसली के चूर्ण की फँक्की लेने से मूत्रातिसार में लाभ होता है।

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11. लजालू(लाजवन्ती) के पत्तों को पीसकर वृक्कों के स्थान(पेट पर) एवं पेड़ू पर लेप करने से मूत्रातिसारों में लाभ होता है।

12. लिसाढ़ों(गूंद बड़ा) के कोमल पत्तों का लुआब 10 मि.ली. में शक्कर मिलाकर रोज सुबह-शाम पीने से मूत्रातिसारों में लाभ होता है।

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