Aankh Aana

Aankh Aana

आँख आना

Conjunctivitis, Eye Flu, Eye Infection, Conjunctivitis Treatment, Conjunctivitis Symptoms

इसे नेत्राभिष्यंद, आँख दुखना, जय बंगला आदि नामों से जाना जाता है। यह एक सामान्य नेत्र रोग है जो अक्सर हो जाता है। संक्रमण के कारण भी यह रोग हो जाता है, क्योंकि यह संक्रामक रोग है। इसमें आँखें लाल हो जाती हैं, आँखों में कुछ चुभन अनुभव होती है तथा पीड़ा होती है। प्रायः एक सप्ताह में यह रोग ठीक हो जाता है। बच्चे-बूढ़े, स्त्री-पुरूष सभी को यह सामान्य रूप से प्रभावित करता है।

आप यह हिंदी लेख Chetanherbal.com पर पढ़ रहे हैं..

घरेलू चिकित्सा-

Aankh Aana

1. असली गुलाबजल प्रतिदिन 2-3 बार आँखों में डालें।

2. शीतल, स्वच्छ जल से दिन में कई बार आँखों को धोयें।

3. अर्क गुलाब 20 मि.ली. में 500 मि.ग्रा. फिटकरी का चूर्ण घोल लें। 2-2 बूंद दिन में 3-4 बार आँखों में डालें।

4. स्वमूत्र से प्रतिदिन सुबह-शाम आँखों को धोने से लाभ प्राप्त होता है।

5. त्रिफला जल से सुबह-शाम आँखों को धोने से लाभ होता है।

6. रात को सोते समय आँखों पर मिट्टी की पट्टी रखने से भी लाभ होता है।

7. अमरूद की ताजी पत्तियाँ 25 ग्राम तथा फिटकरी 250 मि.ग्रा. पीसकर पुल्टिस बना लें। फिर एक स्वच्छ पतले कपड़े के भीतर इसको रखकर आँखों पर बांधे।

यह भी पढ़ें- कब्ज़ का घरेलू उपचार

8. हल्दी चूर्ण 6 ग्राम को पानी 500 मि.लि. में पकायें। जब पानी आधा रह जाये तो ठंडा करके छान लें। इसमें से 2-2 बूँद दिन में 2-3 बार आँखों में डालें।

9. अभ्रक भस्म आधा ग्राम, त्रिफला चूर्ण आधा ग्राम को शहद में मिलाकर चाटने से नेत्र रोगों में लाभ होता है।

10. आक की जड़ की छाल 10 ग्राम को कूटकर पानी 250 मि.ली. में 2 घंटे भिगो दें। फिर पानी को छानकर आई ड्राॅप की भांति आँखों में नित्य 3-4 बार डालने से आँखों की लाली, भारीपन और आँखों की खुजली दूर हो जाता है।

11. आँवलों को जौकुट करके दो घंटे तक पानी में औंटा और छानकर दिन में
तीन बार आँखों में डालने से नेत्र रोगों में लाभ होता है।

12. कसेरू और मुलहेठी के चूर्ण की पोटली बनाकर पानी में भिगोकर आँखों पर फेरने से रक्ताभिष्यन्द में लाभ होता है।

About the author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.